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Body Fat Calculator

आपके शरीर में कुल कितने Fat है इसका अनुमान Body Fat Calculator लगा सकता है वो भी एक विशिष्ट माप के आधार पर।













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Sushil Kumar
मेरा नाम सुशील कुमार है और मैं बिहार के रहने वाला हूं मैं इस टूल वेबसाइट पर कई तरह के कैलकुलेटर टूल डाला हुआ है जैसे Age Calculator, Paypal Fee Calculator, Time and Date Calculator इत्यादि। ये सभी टूल हमने आपकी सुविधाओं के लिए बनाया है ताकि आप इसका इस्तेमाल करके अपने काम को आसान बना सकें। आप हमसे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन के जरिए सोशल प्लेटफॉर्म को फॉलो कर सकते हैं।

Reference

Body Fat Calculator

The American Council on Exercise Body Fat Categorization

  • Essential fat: महिलाओं के लिए 10 से 13 परसेंट और पुरुषों के लिए 2 से 5 परसेंट।
  • Athletes: महिलाओं के लिए 14 से 20% और पुरुषों के लिए 6 से 13 %
  • Fitness: महिलाओं के लिए 21 से 24 परसेंट और पुरुषों के लिए 14 से 17 परसेंट।
  • Average: महिलाओं के लिए 25 से 31 परसेंट और पुरुषों के लिए 18 से 24 परसेंट।
  • Obese: महिलाओं के लिए 32+% और पुरुषों के लिए 25+ परसेंट।

Jackson & Pollock Ideal Body Fat Percentages

  • 20 साल के महिलाओं के लिए 17.7 परसेंट और पुरुषों के लिए 8.5%
  • 25 साल के महिलाओं के लिए 18.4% और पुरुषों के लिए 10.5 परसेंट
  • 30 साल के महिलाओं के लिए 19.3 परसेंट और पुरुषों के लिए 12.7 परसेंट
  • 35 साल के महिलाओं के लिए 21.5 परसेंट और पुरुषों के लिए 13.7 परसेंट
  • 40 साल के महिलाओं के लिए 22.2 परसेंट और पुरुषों के लिए 15.3 परसेंट
  • 45 साल के महिलाओं के लिए 22.9 परसेंट और पुरुषों के लिए 16.4 परसेंट
  • 50 साल के महिलाओं के लिए 25.2 परसेंट और पुरुषों के लिए 8.9%
  • 55 साल की महिलाओं के लिए 25.3 परसेंट और पुरुषों के लिए 20.9 परसेंट

Body Fat Obesity और Over Weight

Obesity और Over Weight ये आपके शरीर को ये संकेत देता है कि आपका शरीर का जितना वजन होना चाहिए उससे ज्यादा है अब ये वजन Fat के वजह से ज्यादा है या मसल्स के वजह से हैं या बोन के वजह से है यह एक अलग प्रश्न है लेकिन वजन जरूरत से ज्यादा है। डॉक्टर के अनुसार Obesity को Chronic मेडिकल कंडीशन माना जाता है और ये भी माना जाता है कि बाय एंड लार्ज Obesity हुई है तो फिर ये Excess Amount की वजह से होगी, खाने का तात्पर्य यह है कि अगर आपके शरीर में Fat का मात्रा ज्यादा होगा तो फिर आपका वजन बढ़ेगा।

अब इसका मतलब ये नहीं हुआ कि Fat हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है बल्कि हमारे शरीर में फैट का निम्नलिखित काम होता है।

  1. ये एनर्जी को इकट्ठा करता है।
  2. Heat Insulation के लिए हमारे शरीर में Fat की आवश्यकता होती है।
  3. Shock Absorption के लिए भी Fat की आवश्यकता होती है।
  4. इसके अलावा और भी बहुत सारे शरीर में ऑर्गन्स होते हैं उनके लिए फैट की आवश्यकता होती है।

इसका मतलब ये हुआ की फैट तो शरीर में जरूरी है लेकिन इसका मात्रा सही होना चाहिए ज्यादा बढ़ेगा तो वजन बढ़ाएगा और आवश्यकता से कम होगा तो भी शरीर के लिए नुकसानदायक है। अब यही फैट अगर ज्यादा बढ़ जाता है तो फिर Obesity करता है या मोटापा बढ़ता है और इसे मापने का तरीका होता है BMI यानी Body Mask Index इस पैरामीटर को Obesity को Defining करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।

BMI Chart

  • अगर किसी व्यक्ति का BMI 18.50 से कम है तो फिर Underweight माना जाता है।
  • और अगर किसी व्यक्ति का BMI 18.50 से लेकर 24.99 है तो फिर उसे Healthy माना जाता है।
  • और अगर किसी व्यक्ति का BMI 25.00 से लेकर 29.99 है तो फिर इसे Overweight माना जाता है।
  • लेकिन अगर किसी व्यक्ति का BMI 30 या फिर इससे ज्यादा है तो फिर उसे Obese माना जाता है।
  • 18.5 से लेकर 24.9 BMI को नॉरमल माना जाता है
  • 25.00 से लेकर 29.9 BMI को ओवरवेट माना जाता है।
  • 30 या फिर इससे ज्यादा BMI को Obeses माना जाता है।
  • एवं 40 या फिर इससे ज्यादा BMI को Morbid Obese माना जाता है।

शरीर की अतिरिक्त चर्बी की Potential Complications

शरीर में अतिरिक्त चर्बी के कई सारे Complications होते हैं obesity कई एक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म देता है मोटापा तीन प्रकार का होता है अगर हम BMI की बात करें तो पहला को Overweight कहते हैं इसमें 25.00 से 29.9 बीएमआई होता है इसे हम कैटेगरी एक में रखते हैं।

वहीं 30.00 से लेकर 34.9 बीएमआई को कैटेगरी दो में रखा जा सकता है और इसे मोट्रेट रिस्क की श्रेणी में देखा जाता है और अगर किसी व्यक्ति का बीएमआई 35.00 से 39.9 है तो इसे हम कैटेगरी तीन यानी हाई रिस्क की कैटेगरी में देखते हैं लेकिन अगर आपका BMI 40 से भी ज्यादा है तो फिर ये बेहद खतरनाक हो सकता है।

आपके रोज के एक्टिविटी के आधार पर कैलोरी का खर्चा ज्यादा होने पर मोटापा बढ़ता है इसलिए डॉक्टर का सलाह होता है कि आप अपने रोज के एक्टिविटी के आधार पर ही कैलोरी लें ताकि मोटापा नियंत्रित रहे अगर कोई व्यक्ति का BMI 25 से अधिक है तो ये मोटापे का वजह हो सकता है इसमें शरीर में जरूर से ज्यादा वसा या Fat जमा होने लगता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्या पैदा करने लगता है।

मोटापे का उपचार जीवन शैली में बदलाव करके किया जा सकता है इसमें आहार पर नियंत्रित करना होता है एवं रोज के दिनचर्या में व्यायाम शामिल किया जाता है सिर्फ भारत में ही हर साल एक करोड़ से ज्यादा मामला Obesity के होते हैं। मोटापा जितना ज्यादा दिन तक रहता है उतना ही ज्यादा बीमारियां हमारे अंदर पनपत्ति है इसलिए इससे पीछा छुड़ाना ही स्वस्थ जीवन का आधार होता है।

मोटापे के वजह से ही जोड़ो एवं पीठ में दर्द होने लगता है चलने में परेशानी होती है हमारा शरीर अत्यधिक वजन ढोता रहता है जिसके वजह से घुटनों में कई सारी परेशानियां घेरने लगती है, मोटापे के ही वजह से खर्राटे का परेशानी एवं तोंद का निकलना और शरीर में ढीलापन होने का समस्या होता है इसमें व्यक्ति को थकान भी ज्यादा होती है और वो खाना भी ज्यादा खाने लगते हैं।

मोटापे को दूर करने के लिए अपने दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करके और कम वसा एवं कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन को लेकर किया जा सकता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर डेरी प्रोडक्ट एवं चिकनाई का सेवन कम से कम करने को बोलते हैं पानी पर्याप्त मात्रा में पिया जाता है एवं प्रोटीन और कैल्शियम युक्त खाना खाने का सलाह दिया जाता है ये सभी दिनचर्या को अपनाकर मोटापे या ओबेसिटी से छुटकारा पाया जा सकता है।